
नोवापाड़ाः नोवापाड़ा की तृणमूल विधायक मंजू बसु टिकट नहीं मिलने से नाखुश है। अब राजनीति से संन्यास लेने का स्पष्ट संकेत दी है। तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सांसद पार्थ भौमिक के माध्यम से फोन पर उनसे लंबी बातचीत किए। बावजूद बात नहीं बनी। अपने फैसले पर वह अडिग है। पुरानी घटनाओं पर खेद प्रकट करते हुए अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में उनसे सहयोग का अनुरोध किए। किंतु मंजू बसु ने साफ कर दिया कि वह अब और राजनीति नहीं करेंगे। बता दे कि तृणमूल कांग्रेस ने नोवापाड़ा सीट से तृणमूल छात्र परिषद के राज्य अध्यक्ष त्रिनांकुर भट्टाचार्य को खड़ा की है।
उल्लेखनीय है कि मंजू बसु के पति तथा तृणमूल नेता विकास बसु की वर्ष 2000 के पहली फरवरी को हत्या हुई। उस समय वह जिला सभापति के पद पर थे। हत्या का आरोप अर्जुन सिंह पर लगा। इस मामले में वह जेल भी गए थे। 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नोवापाड़ा सीट से पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को खड़ा की है। उनके खिलाफ चुनावीं लड़ाई लड़कर राजनीतिक रुप से पति के हत्या का बदला लेने का उनके पास सुनहरा मौका था। जबकि तृणमूल ने मंजू बसु को टिकट नहीं दी है। इससे वह हताश है।
अभिषेक बनर्जी से बातचीत के दौरान मंजू बसु भावुक हो उठी। अपना त्याग गिनवाते हुए वह बताई कि पति के हत्या के बाद ही उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस का जन्म हुआ। वर्ष 2001 में पहली बार नोवापाड़ा सीट से विधायक निवार्चित हुई। उसके बाद 2011 और 2021 में इसी सीट पर विधायक चुनी गई। बीते विधानसभा चुनाव में 28000 मतों से विजई हुई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में नोवापाड़ा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल को 12000 वोट से बढ़त मिली थी। लेकिन जिस तरह से धरना मंच पर अपमान का सामना करना पड़ा। उससे बेहद आहत हूं। अब राजनीति छोड़ने का मन बना ली हूं। बता दे कि शुक्रवार की सुबह सांसद पार्थ भौमिक, उत्तर बैरकपुर पौरसभा के पौर प्रधान मलय घोष को साथ लेकर उनके घर पहुंचे। फिर मंजू बसु को मनाने की कोशिश किए, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। वह अपना घर रामकृष्ण मिशन को दान कर दी हैं। उधर, पार्थ भौमिक ने कहा कि भाभी बीमार रह रही है। उनका उम्र हो गया है। पार्टी उनके योगदान के प्रति हमेशा आभारी रहेगी।







