फलता के बेताज बादशाह जहांगीर खान उर्फ पुष्पा की सारी हेकड़ी पुलिस ने निकाल दी है। फलता की सड़कों पर दूसरी बार पुलिस ने उसकी पैरेड निकाली। इस बार उसके कमर में रस्सी बंधी थी। कभी हाथ जोड़, कभी कान पकड़कर वह माफी मांगता दिखा। पुष्पा की यह दुर्दशा उसके समर्थकों को हजम नहीं हुई। वे सड़क पर उतरकर पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे। साथ ही उनकी मांग पुष्पा की रिहाई की रही। केंद्रीय बलों के सब्र का पैमाना जब भर गया। तब उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चटकाई। जिनको जिधर मौका मिला, उधर भाग निकला। जिनको जगह नहीं मिली। वे लोग सड़क के किनारे की तालाब में कूदकर दूसरी तरफ निकल भागे।