औषधीय पौधा सिंकोना की खेती अंग्रेजों के जमाने में दार्जिलिंग में शुरू हुई। सिंकोना से मलेरिया की दवा कुनैन तैयार होती है। राज्य के श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने दार्जिलिंग के मुंगपू स्थित सिंकोना निदेशालय का निरीक्षण किए। उनके साथ दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, मंत्री विशाल लामा, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष विमल गुरुंग समेत कई विशिष्टजन थे। बता दे कि मौजुदा दौर में कुनैन की मांग कम हुई है। उपर से विगत के राज्य सरकारों की उपेक्षा ने सिंकोना की खेती का कमर तोड़ दी है। अब सिंकोना निदेशालय केवल सिंकोना की खेती तक सीमित न रहकर विविध प्रकार की औषधीय पौधों को उपजाने लगी है। मंत्री अर्जुन सिंह ने उपज के विविधीकरण की जानकारी लिए।








