बिहार निवासी खुर्शीद आलम मंदबुद्धि का है। डेढ़ साल पहले पिता ने किसी कारण से उसकी पिटाई किए थे। गुस्से में वह घर से निकला फिर रास्ता भटककर भाटपाड़ा नगर पालिका क्षेत्र के कांकीनाड़ा पहुंच गया। कांकीनाड़ा निवासी महिला अधिवक्ता ने उसे आश्रय दी। उनके प्रयास और हैम रेडियो की मदद से खुर्शीद के घर वालों को उसकी जानकारी मिली। फिर कांकीनाड़ा आकर खुर्शीद के भाई उसे घर ले गए। खुर्शीद को विदा करते समय उसके भाई मुर्सीद और महिला अधिवक्ता ने क्या कहा ? सुने..