धार्मिक कट्टरवाद की आलोचक बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन मंगलवार पानीहाटी स्थित बेगम रुकैया सखावत हुसैन की कब्र पर पहुंची। वह बोली कि कट्टरता के चलते बंग्लादेश में बेगम रुकैया सखावत को कब्र देने की जगह नहीं मिली। अब यूनिफॉर्म सिविल कोड अर्थात यूसीसी लागू होनी चाहिए।









